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अमर नहीं कोई भी

 अमर नहीं कोई भी  फिर भी रखते हैं गुमान क्या अमीर क्या गरीब? एक दिन मर जाएगा, हर इंसान...  आधुनिक दुनिया की है खासियत लोगों की मर रही है इंसानियत हवा हो गई मैली,  भोजन हुई जहरीली आयु हुआ है कम मगर,  लालच बड़ा है भर-भर कर!  धन चाहिए इतना जरूरत नहीं है जितना,  भले गरीब को अभाव में तड़पना पड़े कितना...  चैन से जी ले रे इंसान, क्यों रहता है इतना परेशान।।  तू बन जा चाहे कितना अमीर,  अंत तो है सबका समान!!  तेरे पूर्वज गए तू भी जाएगा कोई न अनंत काल तक रह पाएगा फिर भी तूने पाला है वहम,  तभी तो तुझे किसी पर न आती रहम!!  बन जा तू वाकई में इंसान दिखा दे इंसानियत कर लोगों की मदद ताकि तेरे मरने से पहले हो जाए किसी की भलाई,  मरते मरते कर तू किसी की अच्छाई।  एक दिन तू मर जाएगा,  ना कुछ लेकर जाएगा फिर क्यों तुझे रहता है गुमान बन जा ऐ इंसान, तू इंसान...  Copyright applied Special thanks to poetess SHAGUFTA NAAZ

भारत में महिला सशक्तिकरण

I raise my voice not so that I can shout,  But So that those without a voice Can be heard...  We cannot all succeed.  When half of us are held back.  मैं अपनी आवाज इसलिए नहीं उठाती हूं ताकि मैं चिल्ला सकूं बल्कि इसलिए कि बिना आवाज वालों को सुना जा सके। हम सभी तब तक सफल नहीं हो सकते जब तक हम में से आधे को पीछे रखा जाए।  Woman Empowerment इसमें जो Empowerment शब्द है ना यह एक इंग्लिश word है जिसको हिंदी में "सशक्तिकरण" कहते हैं ।                 Em एक फ्रेंच प्रीफिक्स (prefix) यानी उपसर्ग है जिसका अर्थ है "में" (In)  इस प्रकार सशक्तिकरण का अर्थ है - शक्ति में होना।  और महिला सशक्तिकरण का अर्थ है - महिलाओं का सक्षम होना।  इस शब्द का व्यापक अर्थ है महिलाओं को सक्षम बनाना उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ताकि वह अपनी अस्तित्व की रक्षा कर सके।                        Woman empowerment एक ऐसी विचारधारा है जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाता है उन्हें आत्मनिर्णयन यान...